Mumbai-Pune Expressway Traffic Jam: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर आखिरकार ट्रैफिक बहाल हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी खंडाला घाट खंड में एक गैस टैंकर के पलटने के 33 घंटे बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बहाल हो पाया। इस बीच, महाजाम में फंसे EKA मोबिलिटी और पिनेकल इंडस्ट्रीज के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता सुर्खियों में हैं। उन्होंने एक्सप्रेसवे पर 8 घंटे तक भारी ट्रैफिक जाम में फंसे रहने के बाद पुणे पहुंचने के लिए हेलिकॉप्टर का सहारा लिया। 94.5 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मुंबई, रायगढ़ और नवी मुंबई को पुणे से जोड़ता है।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगे भारी जाम में पुणे के उद्योगपति सुधीर मेहता भी फंस गए थे। हालांकि आठ घंटे फंसे रहने के बाद वह हेलीकॉप्टर की मदद से पुणे पहुंचे। मंगलवार शाम को टैंकर दुर्घटना के बाद हजारों यात्री एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। पलटे हुए वाहन से अत्यधिक ज्वलनशील गैस के रिसाव के कारण सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक को रोक दिया गया था।

पिनैकल इंडस्ट्रीज एंड ईकेए मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि आठ घंटे तक फंसे रहने के बाद वह बुधवार को हेलीकॉप्टर से पुणे वापस लौटे। उन्होंने एक्सप्रेसवे पर लगे भारी ट्रैफिक जाम की कुछ हवाई तस्वीरें भी पोस्ट कीं।

लंबे समय तक जारी ट्रैफिक व्यवधान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर बेहतर इमरजेंसी तैयारियों की आवश्यकता को उजागर करती हैं।

मेहता ने बुधवार को अपने पोस्ट में कहा, "लाखों लोग पिछले 18 घंटों से एक गैस टैंकर के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर फंसे हुए हैं। ऐसी आपात स्थितियों के लिए एक्सप्रेसवे पर विभिन्न स्थानों पर योजनाबद्ध निकास होने चाहिए जिन्हें वाहनों को वापस लौटने की अनुमति देने के लिए खोला जा सके।"

उन्होंने सुझाव दिया कि हेलीपैड बनाने में 10 लाख रुपये से कम लागत आती है। इसके लिए एक एकड़ से भी कम जमीन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में लोगों को निकालने के लिए एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग जगहों पर इन्हें बनाना ज़रूरी कर देना चाहिए।

33 घंटे बाद खुला जाम

अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी खंडाला घाट खंड में टैंकर पलटने के 33 घंटे बाद बुधवार (4 फरवरी) देर रात को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मुंबई की ओर जाने वाले रूट पर ट्रैफिक बहाल कर दिया गया। टैंकर मंगलवार शाम करीब पांच बजे मुंबई की ओर जाने वाले रूट पर पलट गया। इससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया। व्यस्त एक्सप्रेसवे पर हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे।

जाम इतना भीषण था कि वाहनों की करीब 20 किलोमीटर तक लंबी कतार लग गई। इस ट्रैफिक संकट के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित यात्रियों को भोजन, पानी और शौचालय की सुविधा नहीं मिल पाई। दुर्घटनास्थल से क्षतिग्रस्त गैस टैंकर को हटाए जाने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक देर रात 1 बजकर 46 मिनट पर बहाल हो गया।
India
M
Moneycontrol05-02-2026, 15:49

Industrialist Takes Helicopter to Escape 33-Hour Mumbai-Pune Expressway Jam

  • Traffic on the Mumbai-Pune Expressway was restored after 33 hours following a gas tanker overturning in the Khandala Ghat section.
  • Dr. Sudhir Mehta, Chairman of EKA Mobility and Pinnacle Industries, took a helicopter to Pune after being stuck in the jam for 8 hours.
  • Mehta shared his experience on social media platform X, posting aerial pictures of the severe traffic congestion.
  • He emphasized the need for better emergency preparedness, including planned exits and helipads, on high-speed corridors like the expressway.
  • The accident caused a 20-kilometer long queue of vehicles, leaving thousands of commuters without basic facilities for hours.

More like this

Loading more articles...