AI की नौकरी क्रांति: कौन जीतेगा, कौन हारेगा? वैश्विक प्रभाव और भविष्य की चुनौतियाँ.

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CNBC TV18•30-12-2025, 15:51
AI की नौकरी क्रांति: कौन जीतेगा, कौन हारेगा? वैश्विक प्रभाव और भविष्य की चुनौतियाँ.
- •AI वैश्विक नौकरी बाजार को तेजी से बदल रहा है, 2030 तक $19.9 ट्रिलियन आर्थिक उत्पादन का अनुमान है, फिर भी केवल 1% व्यवसायों ने इसे पूरी तरह से एकीकृत किया है.
- •जनरेटिव AI नियमित कार्यों को स्वचालित कर सकता है और विश्लेषण व रचनात्मकता जैसे उन्नत कार्य कर सकता है, जिससे यह बहस छिड़ गई है कि यह नौकरियों का पूरक होगा या उन्हें प्रतिस्थापित करेगा.
- •विचार ध्रुवीकृत हैं: Jensen Huang AI को नौकरियों को बढ़ाने वाला मानते हैं, जबकि Bill Gates श्रम प्रतिस्थापन की चेतावनी देते हैं. अधिकारी उत्साहित हैं, लेकिन युवा कर्मचारी कम हैं.
- •AI का प्रभाव विश्व स्तर पर भिन्न है: उन्नत अर्थव्यवस्थाओं को मिश्रित परिणामों के साथ अधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है, जबकि भारत जैसे विकासशील देश (90% अनौपचारिक श्रम के साथ) लाभ उठाने के लिए कम सुसज्जित हैं और गहरी असमानता का जोखिम उठाते हैं.
- •नीति निर्माताओं को AI अपनाने को शिक्षा सुधार, श्रमिकों के पुन: प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा जाल के साथ संतुलित करने की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें नई दिल्ली में आगामी चर्चाएँ वैश्विक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: AI वैश्विक स्तर पर नौकरियों को गहराई से नया आकार देगा, जिसके लिए संतुलित नीति, शिक्षा और सहयोग की आवश्यकता है.
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