भारत में डिजिटल धोखाधड़ी: क्यों ये हो रहे हैं अधिक चतुर और इन्हें रोकना क्यों है कठिन.
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भारत में डिजिटल घोटाले हुए स्मार्ट, रोकना हुआ मुश्किल: अरबों का नुकसान
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CNBC TV18•10-03-2026, 22:56
भारत में डिजिटल घोटाले हुए स्मार्ट, रोकना हुआ मुश्किल: अरबों का नुकसान
•भारत में डिजिटल घोटाले अब क्रेडेंशियल चोरी से हटकर संज्ञानात्मक समझौता (cognitive compromise) पर केंद्रित हैं, व्यक्तियों को आपराधिक नेटवर्क के लिए काम करने हेतु हेरफेर कर रहे हैं.
•2024 में भारत को डिजिटल घोटालों से ₹22,842 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ; FY25-26 की पहली छमाही में ₹21,367 करोड़ का आठ गुना इजाफा देखा गया.
•आधुनिक घोटाले अनुकूली, संगठित नेटवर्क हैं जो जनरेटिव AI का उपयोग कर हेरफेर को व्यक्तिगत बनाते हैं और ग्राहक के निर्णय लेने की प्रक्रिया को लक्षित करते हैं.
•रोकथाम के लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप, चैनलों पर ग्राहक इंटरैक्शन को जोड़ना और वित्तीय व दूरसंचार संकेतों को मिलाना आवश्यक है.
•भविष्य के खतरों में AI-संचालित प्रतिरूपण, डीपफेक और घोटाले के निष्पादन का व्यावसायीकरण शामिल है, जिसके लिए सिस्टम-स्तरीय तर्क और विश्वास की रक्षा की आवश्यकता है.