भारत के धनी विरासत पोर्टफोलियो को कैसे संरचित कर रहे हैं, इसमें आ रहा बदलाव.
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भारत के धनी वर्ग की विरासत में बदलाव: संपत्ति से आय-सृजन पोर्टफोलियो की ओर.
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CNBC TV18•02-03-2026, 16:40
भारत के धनी वर्ग की विरासत में बदलाव: संपत्ति से आय-सृजन पोर्टफोलियो की ओर.
•भारत के धनी वर्ग विरासत के तरीकों को चुपचाप बदल रहे हैं, संपत्ति के स्वामित्व से हटकर टिकाऊ, आय-सृजन करने वाले पोर्टफोलियो की ओर बढ़ रहे हैं.
•आधुनिक, भौगोलिक रूप से फैले परिवारों के लिए रियल एस्टेट और व्यावसायिक उद्यम जैसी पारंपरिक संपत्तियों की अपनी सीमाएं हैं.
•परिवार अब लाभांश देने वाले इक्विटी, संरचित ऋण और निजी क्रेडिट जैसे वैकल्पिक साधनों के माध्यम से अनुमानित आय को प्राथमिकता दे रहे हैं.
•निजी क्रेडिट स्थिरता, संविदात्मक आय धाराएं और नियमित वितरण प्रदान करता है, जिससे यह दीर्घकालिक धन हस्तांतरण के लिए आदर्श बन जाता है.
•पारिवारिक कार्यालय धन के संरक्षक से 'विरासत के वास्तुकार' के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए लचीले और अनुकूलनीय पोर्टफोलियो डिजाइन कर रहे हैं.