भारतीय बैंकिंग 2026: AI और मानव सहयोग से निर्णय होंगे पुनर्परिभाषित.

ओपिनियन
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CNBC TV18•30-12-2025, 09:57
भारतीय बैंकिंग 2026: AI और मानव सहयोग से निर्णय होंगे पुनर्परिभाषित.
- •भारतीय बैंकिंग क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जो बढ़ते निर्णय वॉल्यूम और नियामक जटिलता को प्रबंधित करने के लिए सहयोगी बुद्धिमत्ता और एजेंटिक AI की ओर बढ़ रहा है.
- •2026 तक पांच प्रमुख रुझानों में मानव निर्णय के साथ मशीन व्याख्या को मिलाने वाली सहयोगी बुद्धिमत्ता और रोजमर्रा के वर्कफ़्लो को सुव्यवस्थित करने वाली एजेंटिक AI शामिल हैं.
- •इनसाइट सिस्टम निष्क्रिय डैशबोर्ड से सक्रिय संकेतों में बदल जाएंगे, जो विचलन के लिए वास्तविक समय अलर्ट प्रदान करेंगे और परिचालन जोखिम को कम करेंगे.
- •ध्यान केवल जानकारी से व्याख्या की ओर जाएगा, जिससे बैंक प्रचुर डेटा से अर्थ निकाल सकेंगे और बेहतर निर्णय ले सकेंगे.
- •भविष्य कहनेवाला संकेत नियमित हो जाएंगे, जो बड़े मुद्दों से पहले छोटे परिवर्तनों को पहचानेंगे, कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे और अनिश्चितता को कम करेंगे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय बैंकिंग AI को मानव निर्णयों का समर्थन करने के लिए एकीकृत करके तेजी से और समझदारी से काम करेगा.
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