भारत का डेरिवेटिव्स बाजार: सुधार और तकनीक से प्रेरित वैश्विक सफलता की कहानी.
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CNBC TV1816-02-2026, 13:21

भारत का डेरिवेटिव्स बाजार: सुधार और तकनीक से प्रेरित वैश्विक सफलता की कहानी.

  • भारत का F&O बाजार दो दशकों में एक उभरते हुए इकोसिस्टम से दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स बाजार में बदल गया है.
  • मासिक वॉल्यूम 2000 में $10 मिलियन से बढ़कर मार्च 2024 में $1.1 ट्रिलियन से अधिक हो गया, जो 50,000 गुना वृद्धि है.
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) लगातार तीन वर्षों (2021-2023) तक ट्रेडिंग कॉन्ट्रैक्ट वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का नंबर एक डेरिवेटिव्स एक्सचेंज रहा.
  • साप्ताहिक-समाप्त होने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स और संशोधित समाप्ति फ्रेमवर्क जैसे प्रगतिशील नियामक सुधारों से विकास को बढ़ावा मिला, जिससे पहुंच और निवेशक सुरक्षा के बीच संतुलन बना.
  • भारत की सुव्यवस्थित बाजार संरचना और तकनीकी रीढ़ अमेरिका और यूरोप जैसे खंडित विकसित बाजारों पर संरचनात्मक लाभ प्रदान करती है.

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