FILE PHOTO: Gold bars are displayed at a gold jewellery shop in the northern Indian city of Chandigarh May 8, 2012. REUTERS/Ajay Verma
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CNBC TV1815-12-2025, 14:16

रुपये की गिरावट और सोने की तेजी: भारत की अपस्फीति का मुखौटा.

  • रुपये की गिरावट और सोने की बढ़ती कीमतें भारत में अपस्फीति (deflation) को छिपा रही हैं.
  • पिछले पांच महीनों में रुपया 86 से गिरकर 90.7 प्रति अमेरिकी डॉलर के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे नवंबर 2025 में आयातित वस्तुओं का CPI में योगदान 0.5% से बढ़कर 1.6% हो गया.
  • एसबीआई रिसर्च के अनुसार, यदि आयातित सोने और चांदी की मांग न होती, तो नवंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 0.71% के बजाय -0.12% होती, जो थोक कीमतों में दिख रही अपस्फीति के रुझान को दर्शाता है.
  • नवंबर में सोने की मुद्रास्फीति 58% सालाना रही, जिससे 'व्यक्तिगत देखभाल और प्रभाव' श्रेणी में कीमतें बढ़ीं, जबकि अन्य क्षेत्रों में मुद्रास्फीति कम हुई.
  • आरबीआई ने जून में 50 आधार अंक और इस महीने 25 आधार अंक की दर में कटौती की है; एसबीआई रिसर्च को उम्मीद है कि बेंचमार्क ब्याज दर "लंबे समय तक कम" रहेगी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सोना भारत की वास्तविक मुद्रास्फीति को छिपा रहा है, जिससे आपकी जेब पर असर पड़ सकता है.

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