Indian advertising entered a structural reset, where scale and scrutiny coexist, technology demands governance, and agencies must continuously justify value beyond execution. (Image source: AI)
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Storyboard25-12-2025, 09:11

भारतीय विज्ञापन 2025: विलय, नियम और एक बड़ा पुनर्गठन.

  • Omnicom–IPG का $13-बिलियन का विलय भारतीय विज्ञापन उद्योग में सबसे बड़ा पुनर्गठन था, जिसने WPP के बाद दूसरा सबसे बड़ा एजेंसी समूह बनाया और बड़े पैमाने पर छंटनी व विरासत ब्रांडों की समाप्ति हुई.
  • CCI ने कथित कार्टेलाइजेशन और मूल्य-निर्धारण को लेकर GroupM, Dentsu, Publicis, IPG जैसी प्रमुख एजेंसियों पर छापे मारे, साथ ही Omnicom–IPG विलय की बाजार एकाग्रता के लिए बारीकी से जांच की.
  • विज्ञापन खर्च में 8-10% की वृद्धि हुई, जिसमें डिजिटल का योगदान आधे से अधिक था, जबकि AI एक उपकरण से शासन के मुद्दे में बदल गया, ASCI और IndiaAI Mission ने नियामक रोडमैप पेश किए.
  • TRAI द्वारा विज्ञापन समय सीमा लागू करने से टीवी मुद्रीकरण में बदलाव आया, जिससे प्रसारकों को प्रीमियम मूल्य निर्धारण और विज्ञापनदाताओं को एकीकृत टीवी-डिजिटल योजना की ओर बढ़ना पड़ा.
  • समेकन और स्वचालन के कारण अनुमानित 10,000 नौकरियों (कार्यबल का 8%) की छंटनी हुई, जिसने विज्ञापन के श्रम मॉडल में संरचनात्मक बदलाव को उजागर किया, जबकि ग्राहक की मांग एकीकृत, परिणाम-उन्मुख साझेदारी की ओर बढ़ी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 2025 में भारतीय विज्ञापन उद्योग का समेकन, नियामक निरीक्षण और तकनीकी बदलावों से गहरा संरचनात्मक पुनर्गठन हुआ.

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