SC ने केंद्र से 'जादुई उपचार' अधिनियम अपडेट करने का आग्रह किया, भ्रामक विज्ञापनों पर चिंता.

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Storyboard•29-12-2025, 10:53
SC ने केंद्र से 'जादुई उपचार' अधिनियम अपडेट करने का आग्रह किया, भ्रामक विज्ञापनों पर चिंता.
- •सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें केंद्र से ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 को अपडेट करने की मांग की गई है.
- •याचिका में भ्रामक विज्ञापनों में वृद्धि और कानून को वर्तमान वैज्ञानिक विकास के अनुरूप बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई है.
- •इसमें AYUSH डॉक्टरों को अधिनियम के तहत "पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी" के रूप में शामिल करने की भी मांग की गई है, क्योंकि मौजूदा कानून गैर-एलोपैथिक चिकित्सकों को मान्यता नहीं देता है.
- •याचिकाकर्ता नितिन उपाध्याय का तर्क है कि अधिनियम का व्यापक प्रतिबंध (धारा 3(d)) वैज्ञानिक रूप से मान्य जानकारी को भी रोकता है.
- •अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह "पुराना" कानून जनता के सूचना के अधिकार को प्रतिबंधित करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: SC याचिका सार्वजनिक सुरक्षा और जानकारी के लिए भारत के दवा विज्ञापन कानून को आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर जोर देती है.
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