नई पुस्तक: साइबर सुरक्षा के लिए तकनीक से अधिक नेतृत्व और विश्वास आवश्यक
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AI साइबर जोखिम बदल रहा: दुबे की किताब नेतृत्व, भरोसे पर जोर देती है.
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News18•10-03-2026, 15:30
AI साइबर जोखिम बदल रहा: दुबे की किताब नेतृत्व, भरोसे पर जोर देती है.
•साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ दुर्गा प्रसाद दुबे की नई किताब "Demystifying Cybersecurity" बताती है कि AI तेजी से डिजिटल परिदृश्य को बदल रहा है, जिससे नए साइबर जोखिम पैदा हो रहे हैं जहां मशीनें अभूतपूर्व गति से बचाव और हमला कर सकती हैं.
•Bloomsbury India द्वारा प्रकाशित यह किताब तर्क देती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक रणनीतिक चुनौती है जो व्यवसायों, सरकारों और समाजों के लचीलेपन को परिभाषित करेगी.
•दुबे ने जोर दिया कि AI स्वचालित हमलों, डीपफेक धोखे और परिष्कृत फ़िशिंग अभियानों को सक्षम बनाता है, जिससे संगठनों को डिजिटल सुरक्षा की नींव पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है.
•किताब एक संकीर्ण "रक्षा" मानसिकता से हटकर एक व्यापक लचीलेपन-संचालित दृष्टिकोण अपनाने की वकालत करती है, जो हमलों का अनुमान लगाने, क्षति को कम करने और उल्लंघनों के बाद तेजी से ठीक होने पर केंद्रित है.
•यह उन मिथकों को चुनौती देती है कि केवल तकनीक ही सुरक्षा की गारंटी दे सकती है या साइबर जोखिम केवल IT टीमों की जिम्मेदारी है, यह बताते हुए कि सफलता नेतृत्व, शासन, संगठनात्मक संस्कृति और मानवीय व्यवहार पर निर्भर करती है.