
एयर इंडिया के पश्चिम एशिया की उड़ानों में समायोजन से यात्रियों के लिए यात्रा का समय लंबा होगा और किराया भी अधिक होगा।
एयरलाइनें व्यवधानों का अनुमान लगाने और यात्री विश्वास को मजबूत करने के लिए नेटवर्क विविधीकरण की दीर्घकालिक रणनीतियाँ अपना रही हैं और प्रौद्योगिकी में निवेश कर रही हैं।
हाँ, उड़ानों में बदलाव भारत और यूएई के बीच हवाई यात्रा की मांग को काफी हद तक प्रभावित कर रहे हैं।