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News1826-02-2026, 20:45

CAG ने बिहार में PMAY-G के क्रियान्वयन में बड़ी अनियमितताओं का खुलासा किया.

  • भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण अनियमितताओं को उजागर किया है.
  • आरोपों में नाबालिग बच्चों को स्थायी घर स्वीकृत करना और बिहार के बजाय दिल्ली और झारखंड में घरों की जियो-टैगिंग करना शामिल है.
  • राज्य विधानसभा में पेश की गई CAG रिपोर्ट में अपात्र नाबालिग लाभार्थियों को घर स्वीकृत करने के उदाहरणों पर प्रकाश डाला गया, यहां तक कि जब माता-पिता जीवित थे, तब भी 2.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया था.
  • जियो-टैगिंग में विसंगतियों से पता चला कि बिहार के भीतर दूरस्थ स्थानों पर 52 घरों को टैग किया गया था, और दिल्ली और झारखंड में राज्य के बाहर तीन मामलों में (51 किमी से 915 किमी दूर).
  • जून 2015 में शुरू की गई PMAY-G का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को अस्थायी घरों के स्थान पर बुनियादी सुविधाओं के साथ किफायती आवास प्रदान करना है.

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