
आगामी राज्य चुनावों को भविष्य के राष्ट्रीय चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार का मकसद विशेष संसद सत्र के समय का उपयोग लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए कानून पारित करना और संभावित रूप से एक परिसीमन विधेयक पेश करना है।