
प्रदान किए गए स्रोतों में यह जानकारी शामिल नहीं है कि डीजीजीआई ने 177 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी का खुलासा कैसे किया।
दिए गए स्रोतों में सिद्दागोन प्रभाकर का उल्लेख नहीं है। रामावत नागराजू नाइक की पहचान एक पूर्व पीपुल्स वॉर नक्सली के रूप में की गई है जिसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, यह निर्धारित करना संभव नहीं है कि क्या आदि रेड्डी अभी भी फरार है। दिए गए स्रोतों में अविनाश रेड्डी और सी नामक व्यक्तियों का उल्लेख है।