
तमिलनाडु में चुनावी घोषणापत्र कल्याणकारी वादों के माध्यम से उम्मीदों को आकार देकर मतदाताओं के व्यवहार को काफी हद तक प्रभावित करते हैं।
लोकलुभावन योजनाओं से भारी राजस्व हानि हो सकती है और राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है। इन योजनाओं के कारण पूंजीगत व्यय और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों में कटौती करनी पड़ सकती है।
तमिलनाडु में प्रमुख दल कल्याणकारी वादों के साथ-साथ रोजगार और शिक्षा संबंधी पहलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।