आर्थिक सर्वेक्षण ने घने व्यावसायिक जिलों में भीड़भाड़ शुल्क का सुझाव दिया

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News18•29-01-2026, 15:00
आर्थिक सर्वेक्षण ने घने व्यावसायिक जिलों में भीड़भाड़ शुल्क का सुझाव दिया
- •आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने घने व्यावसायिक जिलों में यातायात कम करने, गति बढ़ाने और उत्सर्जन में कटौती के लिए लक्षित भीड़भाड़ शुल्क और मांग-आधारित पार्किंग प्रबंधन का सुझाव दिया है.
- •सिंगापुर (इलेक्ट्रॉनिक रोड प्राइसिंग) और लंदन (कंजेशन चार्ज) के अंतरराष्ट्रीय उदाहरण ऐसी रणनीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं.
- •यातायात भीड़भाड़ से उत्पादकता में भारी नुकसान होता है; दिल्ली में एक अकुशल श्रमिक को सालाना 7,200-19,600 रुपये का नुकसान हो सकता है, जबकि बेंगलुरु में 2018 में 7.07 लाख उत्पादक घंटे का नुकसान हुआ, जिसकी लागत 11.7 अरब रुपये थी.
- •एक 2018 की उबर-बीसीजी रिपोर्ट ने अनुमान लगाया कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता के चार महानगरों में यातायात भीड़भाड़ से जुड़ी लागत प्रति वर्ष 22 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी.
- •सर्वेक्षण में शहरी भीड़भाड़ को और कम करने के लिए शहर के बस बेड़े को बढ़ाने, ई-बस अपनाने में तेजी लाने और लास्ट-माइल और साझा गतिशीलता को मुख्यधारा में लाने की भी वकालत की गई है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शहरी यातायात और उत्सर्जन को कम करने के लिए लक्षित भीड़भाड़ शुल्क और पार्किंग प्रबंधन महत्वपूर्ण हैं.
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