Representational image (Image: News18)
एजेंसी फ़ीड
N
News1829-01-2026, 15:30

आर्थिक सर्वेक्षण: सभी आयु वर्गों में मोटापा बढ़ा, आहार सुधार की तत्काल आवश्यकता.

  • आर्थिक सर्वेक्षण ने मोटापे को भारत में एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया है, जो अस्वास्थ्यकर आहार, गतिहीन जीवन शैली और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों (UPFs) के बढ़ते सेवन के कारण सभी आयु समूहों को प्रभावित कर रहा है.
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) 2019-21 के आंकड़ों के अनुसार, 24% भारतीय महिलाएं और 23% पुरुष अधिक वजन वाले या मोटे हैं, और पांच साल से कम उम्र के बच्चों में अधिक वजन में चिंताजनक वृद्धि हुई है.
  • भारत UPF बिक्री के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है, जो 2006 में 0.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2019 में लगभग 38 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो वैश्विक मोटापे में वृद्धि को दर्शाता है.
  • सर्वेक्षण ने UPF विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने, शिशु दूध के विपणन पर प्रतिबंध लगाने और उच्च वसा, चीनी और नमक (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक पोषण लेबलिंग को अनिवार्य करने का सुझाव दिया है.
  • POSHAN अभियान, फिट इंडिया मूवमेंट और ईट राइट इंडिया जैसी सरकारी पहल मोटापे से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रही हैं, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय का लक्ष्य तेल की खपत में 10% की कमी लाना है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत में मोटापा एक बढ़ता हुआ सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है, जिसके लिए तत्काल आहार सुधार और नीतिगत हस्तक्षेप आवश्यक हैं.

More like this

Loading more articles...