
बाल संरक्षण उपायों में खामियां, जिनमें विश्वसनीय डेटाबेस की कमी और बाल संरक्षण इकाइयों में कर्मचारियों की कमी शामिल है, दिल्ली में बढ़ती किशोर अपराध दर में योगदान करती हैं।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, ऐसी घटनाओं को रोकने में मौजूदा किशोर न्याय कानूनों की प्रभावशीलता निर्धारित नहीं की जा सकती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बढ़ती युवा हिंसा से उत्पन्न होने वाले दीर्घकालिक सामाजिक प्रभावों के बारे में विवरण वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं।