पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच FPIs ने 21,000 करोड़ रुपये निकाले, वैश्विक जोखिम बढ़ा.
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच FPIs ने 21,000 करोड़ रुपये निकाले, वैश्विक जोखिम बढ़ा.
- •विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने पश्चिम एशिया संकट के कारण पिछले चार कारोबारी सत्रों (2-6 मार्च) में भारतीय इक्विटी से 21,000 करोड़ रुपये निकाले.
- •यह निकासी फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये के 17 महीने के उच्चतम प्रवाह के बाद आई है, जो ईरान पर US/इजरायल के हमले से उपजे भू-राजनीतिक तनाव के कारण हुई.
- •होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधानों की आशंका ने ब्रेंट क्रूड को 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर धकेल दिया, जिससे वैश्विक जोखिम भावना बढ़ी.
- •रुपये का अवमूल्यन, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि और Q4 FY26 की मिश्रित कॉर्पोरेट आय भी बहिर्वाह के प्रमुख कारण हैं.
- •विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने तक FPIs की वापसी की संभावना कम है.