
कमजोर अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव कम होने के कारण सोने की कीमतें 5,091 रुपये उछलकर 10 ग्राम के लिए 1.44 लाख रुपये पर पहुंच गईं।
एक कमजोर अमेरिकी डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को सस्ता बनाता है, जिससे मांग और सुरक्षित-निवेश की अपील बढ़ती है। यह गतिशीलता सोने की कीमतों का समर्थन करती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2026 में वैश्विक केंद्रीय बैंक के सोने की खरीद का नेतृत्व करने वाले विशिष्ट देशों का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया है।