आईआईटी अध्ययन: कानपुर, प्रयागराज को शक्तिशाली भूकंप से गंभीर क्षति का खतरा
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IIT अध्ययन की चेतावनी: कानपुर, प्रयागराज को बड़े भूकंप से भारी नुकसान का खतरा.
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News18•24-02-2026, 15:00
IIT अध्ययन की चेतावनी: कानपुर, प्रयागराज को बड़े भूकंप से भारी नुकसान का खतरा.
•IIT-कानपुर के 17 साल के अध्ययन से पता चला है कि 6.5 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप से कानपुर और प्रयागराज के कुछ हिस्सों को गंभीर नुकसान हो सकता है.
•डॉ. निहार रंजन पात्रा के नेतृत्व में हुए शोध में गंगा नदी बेल्ट के किनारे जलोढ़ मिट्टी की उच्च द्रवीकरण क्षमता पर प्रकाश डाला गया है, जो जमीन के हिलने को बढ़ा सकती है और इमारतों को अस्थिर कर सकती है.
•दो दशकों में 43 स्थानों से एकत्र किए गए मिट्टी के नमूनों, जिसमें 80 मीटर गहरे बोरहोल भी शामिल थे, से पता चला कि ढीली, रेतीली, पानी से संतृप्त मिट्टी द्रवीकरण के प्रति संवेदनशील है.
•द्रवीकरण से भूकंप के दौरान जलभराव वाली मिट्टी तरल पदार्थ की तरह व्यवहार करती है, जिससे इमारतें झुक सकती हैं, धंस सकती हैं और बुनियादी ढांचे को नुकसान हो सकता है, जिसका प्रभाव 30-40 मीटर गहराई तक हो सकता है.
•अध्ययन में अनिवार्य मिट्टी परीक्षण, भूकंपीय डिजाइन कोड का कड़ाई से पालन, कमजोर इमारतों का रेट्रोफिटिंग और शहरी नियोजन के लिए भूकंपीय खतरे के नक्शे का उपयोग करने की सिफारिश की गई है.