भारत-ईयू एफटीए: 'सभी सौदों की जननी' संपन्न, वैश्विक व्यापार को नया आकार देने को तैयार

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News18•27-01-2026, 13:45
भारत-ईयू एफटीए: 'सभी सौदों की जननी' संपन्न, वैश्विक व्यापार को नया आकार देने को तैयार
- •भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को इसके अभूतपूर्व पैमाने और वैश्विक व्यापार पर प्रभाव के कारण "सभी सौदों की जननी" कहा गया है.
- •यह द्विपक्षीय व्यापार समझौता लगभग 1.9 अरब लोगों (भारत में 1.4 अरब, ईयू में 500 मिलियन) को प्रभावित करता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था का 25% तथा विश्व की आबादी का 30% हिस्सा है.
- •इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2025 में 190 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया, जिसमें भारत का व्यापार अधिशेष 15.17 अरब अमेरिकी डॉलर रहा.
- •ईयू भारत में एक प्रमुख निवेशक है, अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक कुल 117.4 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई प्रवाह हुआ है, और भारत में 6,000 ईयू फर्में कार्यरत हैं.
- •यह समझौता भारत को एक ही ढांचे के तहत सभी 27 ईयू सदस्य देशों तक तरजीही पहुंच प्रदान करता है, जिससे यह आर्थिक आकार और नियामक दायरे में भारत का सबसे बड़ा एफटीए बन गया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए एक ऐतिहासिक समझौता है, जो दोनों गुटों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा.
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