12 साल की स्कूली शिक्षा के बाद बच्चे क्या बनते हैं? वास्तविक कौशल या सिर्फ डिग्री.
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भारतीय स्नातकों में महत्वपूर्ण कौशल की कमी: केवल 42.6% ही रोजगार योग्य
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News18•18-02-2026, 16:30
भारतीय स्नातकों में महत्वपूर्ण कौशल की कमी: केवल 42.6% ही रोजगार योग्य
•मर्सर मेट्टल की इंडियाज ग्रेजुएट स्किल इंडेक्स 2025 रिपोर्ट के अनुसार, केवल 42.6% भारतीय स्नातक ही रोजगार योग्य हैं, जो 2023 में 44.3% से कम है, यह ज्ञान के बजाय क्षमता में कमी को दर्शाता है.
•नियोक्ता महत्वपूर्ण सोच, समस्या-समाधान और संचार कौशल की तलाश करते हैं, जिन्हें पारंपरिक शिक्षा अक्सर विकसित करने में विफल रहती है, जिससे छात्रों में 'आत्मविश्वास संकट' पैदा होता है.
•दे-स्कूलिट के संस्थापक और सीईओ, आधी दिलीप कुमार का कहना है कि छात्र शैक्षणिक सफलता के बावजूद अस्पष्टता और स्पष्ट उत्तरों के बिना निर्णय लेने में संघर्ष करते हैं.
•दे-स्कूलिट वास्तविक परियोजनाओं, प्रस्तुतियों और सहयोग के माध्यम से व्यावहारिक कौशल पर ध्यान केंद्रित करता है, रटने के बजाय स्वतंत्र सोच और समस्या-समाधान को बढ़ावा देता है.
•यह दृष्टिकोण नियमित प्रस्तुतियों, टीम वर्क और पोर्टफोलियो जैसे व्यावहारिक आउटपुट पर आधारित मूल्यांकन पर जोर देता है, छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है.