जितेंद्र सिंह: भारत एक प्रमुख वैश्विक जैव प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभरा है
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भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में उछाल: 2025 तक 195 अरब डॉलर, वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा.
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News18•19-03-2026, 18:45
भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में उछाल: 2025 तक 195 अरब डॉलर, वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा.
•भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2014 में 10 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 तक 195 अरब डॉलर से अधिक हो गई है, जो एक महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है.
•पिछले साल जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 17-18% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो 195 अरब डॉलर तक पहुंच गई.
•केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य सेवा, कृषि और जलवायु समाधान में भारत के भविष्य के विकास के लिए जैव प्रौद्योगिकी की केंद्रीयता पर प्रकाश डाला.
•2012 में स्थापित BIRAC, अनुसंधान को उद्योग से जोड़ने और बाजार-तैयार समाधानों को सक्षम करने के लिए महत्वपूर्ण है.
•BioE3 नीति (2024) सटीक बायोथेराप्यूटिक्स, स्मार्ट प्रोटीन और जलवायु-लचीली कृषि में नवाचार को बढ़ावा देगी.