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News1814-12-2025, 08:30

2030 तक भारत में हाइड्रोजन की मांग 12 मिलियन टन होगी: नुवामा रिपोर्ट.

  • भारत में हाइड्रोजन की मांग 2030 तक दोगुनी होकर 12 मिलियन टन प्रति वर्ष होने का अनुमान है.
  • यह वृद्धि मुख्य रूप से उर्वरक, रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों से होगी.
  • राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य हरित हाइड्रोजन बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जिसके लिए 197 अरब रुपये का परिव्यय है.
  • हरित हाइड्रोजन की उच्च लागत (3.5-4 डॉलर/किग्रा) एक चुनौती है, जिसे नीतिगत उपायों से 1.9 डॉलर/किग्रा तक कम किया जा सकता है.
  • इलेक्ट्रोलाइजर स्टैक की लागत 75% तक कम हो सकती है, और 88% आपूर्ति श्रृंखला भारत में निर्मित हो सकती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की बढ़ती हाइड्रोजन मांग और चुनौतियाँ देश के ऊर्जा भविष्य को आकार देंगी.

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