
ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक तनाव से वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल और समुद्री व्यापार मार्गों में संभावित व्यवधान का खतरा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार तनाव वैश्विक आर्थिक स्थिरता को खतरा पैदा करता है और गंभीर ऊर्जा संकट का कारण बन सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता पहले भी हो चुकी है, विशेष रूप से 2003 में और 2013 में परमाणु वार्ता के दौरान।