
ईरान के इजरायली ठिकानों को निशाना बनाने वाले जवाबी अभियान का नाम "फतेह खैबर" रखा गया था। इस अभियान में ईरान ने इजरायल की ओर अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की पहली लहर दागी थी।
तेहरान के गांधी अस्पताल को अमेरिका और इज़राइल द्वारा सीधे हमलों के बाद खाली कराया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुवैत की बिजली पारेषण लाइनों को प्रभावित करने वाले किसी मिसाइल हमले का कोई जिक्र नहीं है।