जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने असम के सीएम की 'सांप्रदायिक' टिप्पणियों के खिलाफ SC का रुख किया.

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News18•02-02-2026, 19:30
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने असम के सीएम की 'सांप्रदायिक' टिप्पणियों के खिलाफ SC का रुख किया.
- •जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हालिया सार्वजनिक टिप्पणियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
- •जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी द्वारा दायर याचिका में इन टिप्पणियों को "सांप्रदायिक, अत्यधिक विभाजनकारी और संविधान की भावना के विपरीत" बताया गया है.
- •याचिका में सुप्रीम कोर्ट से संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए सख्त और लागू करने योग्य दिशानिर्देश बनाने का आग्रह किया गया है, ताकि सार्वजनिक कार्यालयों का दुरुपयोग नफरत फैलाने या किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए न हो.
- •आवेदन विशेष रूप से असम के मुख्यमंत्री द्वारा 27 जनवरी को दिए गए एक भाषण का संदर्भ देता है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर एक अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
- •जमीयत का तर्क है कि संवैधानिक पदाधिकारियों द्वारा ऐसे बयान सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं और संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन करते हैं, जिन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत संरक्षण नहीं दिया जा सकता.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने असम के सीएम की टिप्पणियों के खिलाफ SC में याचिका दायर की, संवैधानिक पदधारकों के लिए दिशानिर्देश मांगे.
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