झारखंड के माओवादी ने ओडिशा पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण, मोहभंग और डर बताया कारण

एजेंसी फ़ीड
N
News18•03-02-2026, 19:30
झारखंड के माओवादी ने ओडिशा पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण, मोहभंग और डर बताया कारण
- •झारखंड के 18 वर्षीय सीपीआई (माओवादी) सदस्य उमब्लन होनहागा उर्फ प्रभु ने राउरकेला में ओडिशा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
- •पश्चिम सिंहभूम के हलामूली गांव के एलजीएसएम प्रभु 2024 में संगठन में शामिल हुए थे, लेकिन विचारधारा और जंगल के कठिन जीवन से उनका मोहभंग हो गया.
- •सुरक्षा बलों के लगातार तलाशी अभियानों ने उनमें डर पैदा कर दिया, जिससे उन्होंने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया.
- •उन्हें 2.64 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता, 25,000 रुपये का विवाह प्रोत्साहन और मुफ्त कौशल विकास कार्यक्रम मिलेंगे.
- •प्रभु व्यावसायिक शिक्षा, अधिकतम 36 महीने के लिए 10,000 रुपये का मासिक वजीफा, स्वास्थ्य कार्ड और रियायती राशन के भी हकदार हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक युवा झारखंड माओवादी ने ओडिशा में आत्मसमर्पण किया, मोहभंग और सुरक्षा बलों के डर को बताया कारण.
✦
More like this
Loading more articles...




