न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां: SC व्यक्तिगत स्वतंत्रता, मानवाधिकारों का संरक्षक, कार्यकारी कार्रवाई का नहीं

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News18•26-01-2026, 18:30
न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां: SC व्यक्तिगत स्वतंत्रता, मानवाधिकारों का संरक्षक, कार्यकारी कार्रवाई का नहीं
- •सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि SC का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को बनाए रखना है, न कि इन अधिकारों का हनन करने वाली कार्यकारी कार्रवाइयों को सही ठहराना।
- •उन्होंने कानून के सुसंगत अनुप्रयोग को सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को एक स्वर में बोलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- •न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा कि विचारों में भिन्नता हो सकती है, लेकिन कानून के मौलिक सिद्धांतों पर कोई भिन्नता नहीं होनी चाहिए।
- •उन्होंने जांच एजेंसियों से विश्वसनीयता बढ़ाने और राजनीतिक संबद्धताओं के आधार पर अपराधियों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने से बचने का आग्रह किया।
- •न्यायमूर्ति भुइयां ने पहले कहा था कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता गैर-परक्राम्य है और न्यायिक तबादलों पर केंद्र के प्रभाव की आलोचना की थी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिक भूमिका कार्यकारी प्रभाव से स्वतंत्र होकर व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा करना है।
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