मिजोरम महिला समूह ने संशोधित विवाह कानून रद्द करने की मांग की, असुरक्षित बताया
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मिजोरम महिला समूह ने संशोधित विवाह कानून को 'असुरक्षित' बताते हुए रद्द करने की मांग की.
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News18•27-02-2026, 21:30
मिजोरम महिला समूह ने संशोधित विवाह कानून को 'असुरक्षित' बताते हुए रद्द करने की मांग की.
•मिजोरम के सबसे बड़े महिला संगठन, मिजो हमीचे इंसुइखवम पॉल (MHIP) ने राज्य सरकार से हाल ही में पारित मिजो विवाह और संपत्ति विरासत (संशोधन) विधेयक को वापस लेने का आग्रह किया है.
•MHIP ने विधेयक को मिजो महिलाओं के लिए "अपर्याप्त" और "संभावित रूप से असुरक्षित" बताया है, खासकर उस खंड के कारण जो गैर-आदिवासी पुरुषों से शादी करने वाली मिजो महिलाओं को मिजो पहचान और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों से बाहर करता है.
•संगठन का दावा है कि मिजो प्रथागत कानून समिति में प्रतिनिधित्व के बावजूद, विधेयक के विशिष्ट प्रावधानों के मसौदे के दौरान उनसे परामर्श नहीं किया गया था.
•मुख्यमंत्री लालदुहोमा द्वारा पेश किए गए इस संशोधन का उद्देश्य मिजो प्रथागत कानूनों को संहिताबद्ध करना, बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाना और अलगाव पर महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को बढ़ाना है, जिसमें वैवाहिक संपत्ति का 50% तक शामिल है.
•इस विधेयक ने ध्रुवीकृत बहस छेड़ दी है, आलोचकों का तर्क है कि यह लैंगिक भेदभाव को संस्थागत बनाता है और अपरिवर्तनीय जातीय पहचान पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का उल्लंघन करता है.