विदेश मंत्री एस जयशंकर: कोई देश आज पूर्ण प्रभुत्वशाली नहीं, भविष्य बहुध्रुवीय होगा
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कोई देश पूर्ण रूप से वर्चस्ववादी नहीं: जयशंकर ने बहुध्रुवीय भविष्य पर कहा.
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News18•06-03-2026, 11:15
कोई देश पूर्ण रूप से वर्चस्ववादी नहीं: जयशंकर ने बहुध्रुवीय भविष्य पर कहा.
•विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 20वीं सदी के मध्य से एक निश्चित विश्व व्यवस्था बनाए रखने की वैश्विक अपेक्षा "अवास्तविक" थी, क्योंकि शक्ति "फैल गई" है.
•रायसीना डायलॉग 2026 में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक ढाँचे (1945, 1989) वैश्विक परिवर्तन के उभरते चालकों को पहचानने में विफल रहे.
•जयशंकर ने प्रौद्योगिकी और जनसांख्यिकी को इस दशक में वैश्विक परिवर्तन को गति देने वाली दो सबसे बड़ी शक्तियाँ बताया.
•उन्होंने जोर दिया कि दुनिया एक बहुध्रुवीय भविष्य की ओर बढ़ रही है, क्योंकि कोई भी देश सभी क्षेत्रों में पूर्ण वर्चस्व नहीं रखता है.
•आधुनिक शक्ति केवल जीडीपी या सैन्य शक्ति से परिभाषित नहीं होती, बल्कि विशेष क्षेत्रीय शक्तियों से होती है, जिसमें क्षमताएँ विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई हैं.