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News1827-02-2026, 16:15

नॉमिनल जीडीपी में गिरावट से राजकोषीय घाटा बढ़ेगा: विशेषज्ञ

  • चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के नॉमिनल जीडीपी में 12 लाख करोड़ रुपये की कमी से राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है.
  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 2022-23 के आधार वर्ष के साथ जीडीपी गणना का नया ढांचा जारी किया, जिसने 2011-12 की पिछली श्रृंखला को बदल दिया है.
  • नई श्रृंखला अक्टूबर-दिसंबर 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8% दिखाती है, जो विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों द्वारा संचालित है, लेकिन FY26 के लिए नॉमिनल जीडीपी आधार को 357 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 345 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है.
  • विशेषज्ञों का अनुमान है कि छोटे नॉमिनल जीडीपी के कारण FY26 का राजकोषीय घाटा 4.5% तक पहुंच सकता है, जो पहले के 4.4% के अनुमान से थोड़ा अधिक है.
  • नई कार्यप्रणाली में आर्थिक गतिविधि को अधिक व्यापक रूप से पकड़ने के लिए जीएसटी लेनदेन डेटा और ई-वाहन पंजीकरण जैसे व्यापक प्रशासनिक डेटासेट शामिल हैं.

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