
मध्य पूर्व में जारी तनाव, विशेष रूप से ईरान-इज़राइल-अमेरिका संघर्ष, तेल की कीमतों में वृद्धि कर रहे हैं और शेयर बाजार में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं [1][2][3][5]।
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल पर अत्यधिक निर्भर देश गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करते हैं, जिसमें संभावित वैश्विक मंदी [5], तेल और गैस की कीमतों में तेजी से वृद्धि [4], बिगड़ते हुए
तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और क्षेत्रीय संघर्ष वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर वैश्विक संक्रमण को गति दे रहे हैं[1][2][3][4][5][6][7][8][9][10]।