विद्युत मंत्रालय का 'चिंतन शिविर' भारत के ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य की रूपरेखा तैयार करता है.

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News18•23-01-2026, 23:30
विद्युत मंत्रालय का 'चिंतन शिविर' भारत के ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य की रूपरेखा तैयार करता है.
- •विद्युत मंत्रालय ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए रणनीति बनाने हेतु परवाणू, हिमाचल प्रदेश में दो दिवसीय 'चिंतन शिविर' का समापन किया.
- •केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक मजबूत, टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के साथ विकसित भारत @ 2047 प्राप्त करने के लिए चुनौतियों का समाधान करने पर जोर दिया.
- •चर्चाओं में मसौदा विद्युत संशोधन विधेयक 2026, विद्युत नीति 2026, परमाणु ऊर्जा त्वरण और वितरण क्षेत्र के सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया.
- •पारेषण को अनुकूलित करने, वितरित ऊर्जा संसाधनों और 2030 तक 300 जीडब्ल्यूएच भंडारण लक्ष्य प्राप्त करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया.
- •सीईए की '2035-36 तक 100 जीडब्ल्यू हाइड्रो पंपड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (पीएसपी) का रोडमैप' रिपोर्ट और बिजली वितरण उपयोगिताओं की 14वीं एकीकृत रेटिंग जारी की गई.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चिंतन शिविर ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक स्थायी और मजबूत ऊर्जा भविष्य सुनिश्चित करने हेतु प्रमुख सुधारों और रणनीतियों की रूपरेखा तैयार की.
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