रायपुर-विशाखापत्तनम कॉरिडोर: अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, वन्यजीव संरक्षण, यात्रा समय में कमी

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News18•29-01-2026, 06:45
रायपुर-विशाखापत्तनम कॉरिडोर: अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, वन्यजीव संरक्षण, यात्रा समय में कमी
- •NHAI ने 464 किलोमीटर लंबे रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे की घोषणा की, जो छत्तीसगढ़ का पहला 6-लेन एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे है.
- •16,491 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लक्ष्य यात्रा के समय को घटाकर सात घंटे करना, व्यापार को बढ़ावा देना और औद्योगिक केंद्रों तथा विशाखापत्तनम बंदरगाह से कनेक्टिविटी बढ़ाना है.
- •यह छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, जो रायपुर जिले के झांकी गांव से शुरू होगा.
- •NHAI ने वन्यजीवों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एनिमल ओवरपास, अंडरपास, मंकी कैनोपी और ट्रैफिक इंपैक्ट एटेन्यूएटर्स को शामिल किया है.
- •इसमें उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाली 2.79 किमी की जुड़वां-ट्यूब सुरंग शामिल है, जो छत्तीसगढ़ की पहली सड़क सुरंग है, जिसे न्यूनतम पारिस्थितिक प्रभाव और तीव्र परिवहन के लिए डिज़ाइन किया गया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा आर्थिक विकास, कम यात्रा समय और महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण का वादा करता है.
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