
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, 'पुरतवन' डिमेंशिया जैसे मानसिक स्वास्थ्य विषयों को कैसे संबोधित करता है, इसके बारे में विवरण वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं।
'पुरतावन' दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (आईएफएफडी) में अपनी स्क्रीनिंग के माध्यम से बंगाली सिनेमा की वैश्विक पहचान बढ़ा सकता है।
शर्मिला टैगोर की 14 साल बाद बंगाली सिनेमा में "पुरोटॉन" के लिए वापसी को सह-कलाकार ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने एक "सौभाग्य" बताया है।