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News1819-02-2026, 08:45

शिवाजी महाराज का 1666 का औरंगाबाद दौरा: मराठा राजा की बढ़ती प्रतिष्ठा की झलक.

  • छत्रपति शिवाजी महाराज ने अप्रैल 1666 में आगरा जाते समय छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) का दौरा किया था, जो उनके राज्याभिषेक से आठ साल पहले था.
  • हिंदवी स्वराज्य का हिस्सा न होने के बावजूद, उनके आगमन पर भारी भीड़ उमड़ी, जिससे उनकी बढ़ती प्रमुखता प्रदर्शित हुई.
  • मुगल अधिकारी भीमसेन सक्सेना के संस्मरण 'तारीख-ए-दिलकुशा' और परकालदास के पत्र में शिवाजी महाराज के दल, सार्वजनिक उत्साह और प्रभावशाली दल का विवरण है.
  • उनके दल में 500 सुसज्जित सैनिक, एक सोने और चांदी की पालकी, हाथी, ऊंट और उनका विशिष्ट नारंगी और सिंदूरी झंडा शामिल था.
  • मुगल अधिकारी सफ शिकन खान के साथ हुई एक घटना ने शिवाजी महाराज के मुखर स्वभाव को उजागर किया, जिसके कारण खान ने अंततः उन्हें उचित सम्मान दिया.

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