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News1825-01-2026, 09:00

स्टालिन: तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं, न पहले, न अब, न कभी

  • द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भाषा शहीद दिवस पर 'भाषा शहीदों' को श्रद्धांजलि दी.
  • उन्होंने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु में हिंदी के लिए न पहले, न अब और न कभी कोई जगह है, अतीत के हिंदी विरोधी आंदोलनों पर प्रकाश डाला.
  • स्टालिन ने हिंदी विरोधी आंदोलन के इतिहास पर एक वीडियो साझा किया, जो 1965 में चरम पर था, जिसमें द्रमुक के दिग्गज सी.एन. अन्नादुरई और एम. करुणानिधि शामिल थे.
  • उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के हिंदी विरोधी आंदोलन ने विभिन्न भाषाई समूहों के अधिकारों और पहचान की रक्षा की.
  • मुख्यमंत्री ने हिंदी थोपने का हमेशा विरोध करने का संकल्प लिया, राज्य की द्विभाषी नीति (तमिल और अंग्रेजी) को दोहराया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुख्यमंत्री स्टालिन ने 'भाषा शहीदों' का सम्मान करते हुए हिंदी थोपने के खिलाफ तमिलनाडु के रुख की पुष्टि की.

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