
नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, जिनमें बुलेट ट्रेन और हवाई अड्डा शामिल हैं, से प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
सुकमा जिले को 31 मार्च, 2026 तक नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। सुकमा जिले के केरलापेंडा गांव को भी नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है।
हाँ, चल रहे आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीतियों से संकेत मिलता है कि और अधिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की संभावना है। झारखंड में, 2 अप्रैल, 2026 को एक इनामी माओवादी ने आत्मसमर्पण कर दिया।