
चीन की ताइवान के पास सैन्य गतिविधियाँ महत्वपूर्ण क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करती हैं।
ताइवान-चीन संप्रभुता विवाद ऐतिहासिक घटनाओं से आकार लेता है, जिनमें 1683 में किंग राजवंश द्वारा ताइवान का विलय, 1895 में प्रथम चीन-जापान के बाद इसका जापान को सौंप दिया जाना
चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति ताइवान जलडमरूमध्य में सीधे संघर्ष का कारण बन सकती है। चीन ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है और उसने बल प्रयोग से इनकार नहीं किया है।