तमिलनाडु की झांकी में 'आत्मनिर्भर भारत' का प्रदर्शन: तकनीक और परंपरा का संगम

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News18•26-01-2026, 11:45
तमिलनाडु की झांकी में 'आत्मनिर्भर भारत' का प्रदर्शन: तकनीक और परंपरा का संगम
- •तमिलनाडु की गणतंत्र दिवस झांकी में "समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत" विषय को दर्शाया गया है, जिसमें प्राचीन संस्कृति और आधुनिक तकनीक का मिश्रण है.
- •सामने का खंड "टेक्नो-जल्लीकट्टू" को प्रदर्शित करता है, जो भविष्य की तकनीक के साथ साहस और विरासत के मेल का प्रतीक है, जिसका संदेश है "नवाचार यहीं से शुरू होता है".
- •केंद्रीय भाग तमिलनाडु को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) विनिर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उजागर करता है, जिसमें एक असेंबल किया हुआ EV, रोबोटिक आर्म्स और एक चार्जिंग स्टेशन दिखाया गया है.
- •पिछला खंड हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास पर केंद्रित है, जो एक अद्वितीय वृक्ष डिजाइन के माध्यम से पारिस्थितिकी और उद्योग के बीच सामंजस्य को दर्शाता है.
- •यह झांकी सामूहिक रूप से तमिलनाडु को एक ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत करती है जो संस्कृति में निहित है, नवाचार से प्रेरित है और आत्मनिर्भर, टिकाऊ भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तमिलनाडु की झांकी परंपरा और प्रौद्योगिकी का शानदार मिश्रण प्रस्तुत करती है, जो आत्मनिर्भर, टिकाऊ भारत के लिए इसकी दृष्टि को दर्शाती है.
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