विश्वास ही कुंजी: भारत के ज्योतिषीय रत्न बाजार को कैसे परिभाषित करती है प्रामाणिकता

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News18•30-01-2026, 14:30
विश्वास ही कुंजी: भारत के ज्योतिषीय रत्न बाजार को कैसे परिभाषित करती है प्रामाणिकता
- •भारत के ज्योतिषीय रत्न बाजार में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे गुणवत्ता में असंगति और उपभोक्ता जागरूकता की कमी जैसी चुनौतियां सामने आई हैं.
- •बिना खुलासा किए गर्म, उपचारित, पुन: उपयोग किए गए या बदले हुए रत्नों का व्यापक प्रचलन खरीदारों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है.
- •1987 में स्थापित खन्ना जेम्स प्राइवेट लिमिटेड को लगातार गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने और दीर्घकालिक विश्वास को प्राथमिकता देने के लिए सराहा गया है.
- •कंपनी मूल्य प्रोत्साहन के बजाय प्राकृतिक उत्पत्ति और मौलिकता पर जोर देती है, उपभोक्ता शिक्षा और पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित करती है.
- •उद्योग के नेताओं का मानना है कि सूचित विकल्प और नैतिक प्रथाएं बाजार की दीर्घकालिक विश्वसनीयता और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के ज्योतिषीय रत्न बाजार में विश्वास, पारदर्शिता और उपभोक्ता शिक्षा सर्वोपरि हैं.
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