
विजय का पेरंबूर और त्रिची पूर्व [2][3][4][5] जैसे दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने का फैसला वोट की गणना को जटिल बना सकता है और संभावित रूप से वोटों को खंडित कर सकता है [1], जिससे समग्र प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
टीवीके प्रमुख विजय के खिलाफ कथित तौर पर चुनाव आयोग के मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोप में पांच धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
चुनाव आयोग का हस्तक्षेप, जिसमें आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश देना और कर्तव्य में लापरवाही के लिए पुलिस अधिकारियों को निलंबित करना शामिल है, भविष्य में पुलिस सहयोग पर एक सख्त निगरानी का संकेत देता है।