ओमनिकॉम-आईपीजी विलय: भारत में नेतृत्व में बेचैनी, ग्राहक पुनर्मूल्यांकन का सामना

एजेंसी समाचार
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Storyboard•02-02-2026, 09:01
ओमनिकॉम-आईपीजी विलय: भारत में नेतृत्व में बेचैनी, ग्राहक पुनर्मूल्यांकन का सामना
- •ओमनिकॉम ग्रुप और इंटरपब्लिक ग्रुप (आईपीजी) का वैश्विक विलय ओमनिकॉम एडवरटाइजिंग इंडिया में नेतृत्व असंतोष और ग्राहक बेचैनी पैदा कर रहा है.
- •धीरज सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी विलय के बाद की संरचना से कथित तौर पर नाखुश हैं, जिसमें स्पष्टता और गति की कमी है.
- •नेतृत्व में स्पष्ट बेचैनी, बढ़े हुए टर्नअराउंड समय और कम अनुकूलित समाधानों के कारण ग्राहक संबंधों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं.
- •स्थानीय स्वायत्तता की कमी, जटिल रिपोर्टिंग संरचनाएं और वैश्विक अनुमोदन आवश्यकताएं निर्णय लेने और जवाबदेही को धीमा कर रही हैं.
- •संगठनात्मक अनिश्चितता भौतिक पुनर्गठन तक फैली हुई है, जिसमें मैक्कैन और ओमनिकॉम मीडिया इंडिया के लिए कार्यालय परिवर्तन चिंता बढ़ा रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ओमनिकॉम-आईपीजी विलय भारत में महत्वपूर्ण अस्थिरता पैदा कर रहा है, जिससे नेतृत्व में घर्षण और ग्राहक पुनर्मूल्यांकन हो रहा है.
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