हिवाळ्यात पिकांवर होतो रोगांचा प्रादुर्भाव अधिक
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News1827-01-2026, 16:04

बदलते मौसम से फसलों पर रोग का खतरा: कृषि विशेषज्ञों ने दी समय पर सावधानी बरतने की सलाह.

  • सर्दियों में मध्यम तापमान और सुबह की ओस से फसलों में रोग जैसे झुलसा, रस्ट और पाउडरी मिल्ड्यू का खतरा बढ़ता है.
  • बादल छाए रहने और कम धूप के कारण पत्तियों पर नमी लंबे समय तक रहती है, जिससे फंगस और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं.
  • ठंडा मौसम फसल की वृद्धि को धीमा करता है और उसकी प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है, जिससे सब्जियां, दालें और तिलहन अधिक संवेदनशील हो जाते हैं.
  • खेतों में जलभराव, घनी बुवाई और नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग भी सर्दियों में रोगों को बढ़ाता है.
  • निवारक उपायों में संतुलित उर्वरक प्रबंधन, उचित दूरी पर बुवाई, समय पर सिंचाई और रोग प्रतिरोधी किस्मों का उपयोग शामिल है, साथ ही विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए स्प्रे भी महत्वपूर्ण हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कृषि विशेषज्ञ बदलते सर्दियों के मौसम के कारण फसलों में बढ़ते रोगों के खिलाफ समय पर सावधानी बरतने का आग्रह करते हैं.

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