शुओं को पर्याप्त विटामिन A नहीं मिलता, तो वो पाल नहीं ठहरते, बांझपन की समस्या होती है
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Moneycontrol17-12-2025, 12:24

हरी घास से बढ़ाएं पशुओं का दूध, प्रजनन क्षमता; लागत भी होगी आधी.

  • हरी घास पशुओं के स्वास्थ्य, दूध उत्पादन और प्रजनन क्षमता में सुधार करती है, साथ ही चारे की लागत को आधे से अधिक कम करती है.
  • डॉ. रंजन के अनुसार, खराब आहार, विशेषकर विटामिन ए की कमी, पशुओं में प्रजनन संबंधी समस्याओं और दूध उत्पादन में कमी का कारण बनती है.
  • बरसीम को 'चारे की घास का राजा' कहा जाता है, यह प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन (ए, डी, डी3) से भरपूर है, जो पशुओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है.
  • किसान बरसीम, नेपियर, ज्वार, बाजरा, जई, राई, बीन घास और अजोला जैसी हरी घास उगाकर पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता और उत्पादकता बढ़ा सकते हैं.
  • प्रतिदिन 30-40 किलोग्राम हरी घास, साथ में सूखा चारा और अजोला देने से बांझपन, अंधापन और मांसपेशियों के विकास की कमी जैसी समस्याएं दूर हो सकती हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हरी घास पशुओं के दूध, प्रजनन और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है, किसानों की लागत भी बचाती है.

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