भारत-यूरोपीय संघ FTA: 18 साल का इंतजार खत्म, किसानों को क्या मिलेगा?

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News18•27-01-2026, 12:18
भारत-यूरोपीय संघ FTA: 18 साल का इंतजार खत्म, किसानों को क्या मिलेगा?
- •भारत और यूरोपीय संघ 18 साल के इंतजार के बाद एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दे रहे हैं, जिसका लक्ष्य 27 जनवरी, 2026 तक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करना है.
- •केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे "सभी समझौतों की जननी" कहा है.
- •यह समझौता, जिस पर शुरू में 2007 में चर्चा हुई थी और 2013 में रुक गया था, वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच फिर से शुरू किया गया है.
- •इससे ऑटोमोटिव, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएं, कपड़ा और इंजीनियरिंग विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को शुल्क में कमी और निर्यात में वृद्धि के माध्यम से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे रोजगार भी पैदा हो सकता है.
- •भारत ने घरेलू किसानों को सस्ते आयात और कीमतों में गिरावट से बचाने के लिए डेयरी उत्पादों और संवेदनशील कृषि उत्पादों (गेहूं, चावल, चीनी) को FTA से रणनीतिक रूप से बाहर रखा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत और यूरोपीय संघ एक बड़े FTA को अंतिम रूप देने वाले हैं, जिसमें भारत ने अपने डेयरी और कृषि क्षेत्रों को सुरक्षित रखा है.
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