महाराष्ट्र में 'सलोखा योजना' का विस्तार, किसानों के भूमि विवाद होंगे हल

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News18•23-01-2026, 14:42
महाराष्ट्र में 'सलोखा योजना' का विस्तार, किसानों के भूमि विवाद होंगे हल
- •महाराष्ट्र सरकार ने कृषि भूमि विवादों को सुलझाने के लिए 'सलोखा योजना' को 1 जनवरी, 2027 तक बढ़ाया है.
- •यह योजना उन समस्याओं का समाधान करती है जहाँ भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड वास्तविक कब्जे से मेल नहीं खाते, जिससे किसानों को ऋण और सरकारी लाभ प्राप्त करने में बाधा आती है.
- •किसान अब कुल 2000 रुपये (1000 पंजीकरण शुल्क, 1000 स्टांप शुल्क) में भूमि उत्परिवर्तन पूरा कर सकते हैं, जिससे पहले के स्टांप शुल्क में लाखों की बचत होगी.
- •मुख्य शर्तों में आपसी लिखित सहमति, भूमि का कृषि होना और प्रत्येक पक्ष द्वारा कम से कम 12 वर्षों तक निरंतर कब्जा शामिल है.
- •यह योजना 'टुकड़ेबंदी' कानून को भी दरकिनार करती है, जिससे किसानों के लिए भूमि विनिमय सरल हो जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सलोखा योजना का विस्तार महाराष्ट्र के किसानों को भूमि विवादों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय और कानूनी राहत प्रदान करता है.
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