एसटीतून सेवानिवृत्तीनंतर शेतात ‘चंदनाचं सोनं’; रमेश मोरे यांचा हरित प्रयोग
कृषि
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News1808-01-2026, 18:35

पुष्पा नहीं रमेशभाऊ! छत्रपती संभाजीनगर में चंदन की खेती से लाखों कमा रहे हैं.

  • एसटी कॉर्पोरेशन से सेवानिवृत्त रमेश मोरे ने छत्रपती संभाजीनगर में अपने खेत पर 200 'श्वेत चंदन' के पेड़ लगाए हैं.
  • उन्होंने चंदन के साथ सीताफल, सागौन और महोगनी भी लगाए, जो चंदन के लिए महत्वपूर्ण मेजबान पौधे का काम करते हैं.
  • चंदन की खेती एक दीर्घकालिक निवेश है, जिसमें 10-12 साल बाद हृदयकाष्ठ मिलता है और समय के साथ इसका मूल्य बढ़ता है.
  • मोरे अपने खेत पर रहकर पेड़ों की सुरक्षा करते हैं और बाड़ लगाने की योजना बना रहे हैं; यह खेती उनके 7/12 भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है.
  • प्रत्येक परिपक्व चंदन के पेड़ से 15-20 किलोग्राम हृदयकाष्ठ प्राप्त होता है, जिससे धैर्यवान किसानों को अच्छी आय की उम्मीद है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रमेश मोरे की चंदन की खेती एक सफल दीर्घकालिक निवेश है, जो धैर्यवान किसानों को प्रेरित करती है.

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